नई दिल्ली: भारत में ऑटोमोबाइल सेक्टर एक बड़ी इंडस्ट्री है। हर साल लाखों की संख्या में यहां कारों का निर्माण होता है। शानदार एक से बढ़कर एक कारें बनाने के बावजूद भारत में बनी कारों को एक पैमाने पर अभी भी विश्वस्तरीय कारों के मुकाबले नहीं देखा जाता। हम बात कर रहे हैं सेफ्टी की, भारत में बनी कारों को पिछले साल अपनी इस खामी की वजह से बहुत फजीहत उठानी पड़ी थी।
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दरअसल Global Ncap परकई मेड इन इंडिया कारों को Zero Stars रेटिंग मिली थी और इन कारों को असुरक्षित बताया गया था।इस साल इनमें से कई कारों ने यही टेस्ट ठीक से पास करके ये सिद्ध कर दिया है कि भारत में बनीं कारें किसी भी लिहाज से इंटरनेशनल कारों से कम नहीं हैं।चलिए आपको बताते हैं कि वो कौन सी कारें हैं।
Volkswagen Vento-VW Vento में वैरिएंट के हिसाब से दो अलग रेटिंग हैं।दोनों वर्जन में व्यस्क सुरक्षा के लिए 16 में से 14.51 पॉइंट मिले थे तो दोनों कारों की बॉडी बेहद मज़बूत है।
Jeep Compass-Jeep Compass ने ऑस्ट्रेलियाई NCAP क्रैश टेस्ट में 5 स्टार रेटिंग मिली है।Compass के राईट हैण्ड ड्राइव वर्शन को पुणे के पास Fiat के Ranjangaon फैक्ट्री में बनाया जाता है। इस गाड़ी को इंडियन मार्केट में भी बेचा जाता है।
Toyota Etios Liva- Etios Liva मार्केट में Toyota की सबसे सस्ती प्रोडक्ट है।Toyota अपने Liva रेंज पर ड्यूल एयरबैग्स स्टैण्डर्ड के रूप में ऑफर करती है।इस कार को वयस्कों की सुरक्षा में 16 में से 13 अंक मिले थे. इसपर फ्रंटल ऑफसेट टेस्ट किया गया था और इसकी स्पीड 64 किमी/घंटे थी।
Tata Nexon- इंडिया में बने इस SUV ने क्रैश टेस्ट में काफी अच्छा प्रदर्शन किया है और इसे वयस्कों की सुरक्षा के लिए 4-स्टार रेटिंग और बच्चों की सुरक्षा के लिए 3-स्टार रेटिंग मिली है। Nexon के बॉडी शेल को ‘stable’ मजबूत कहा गया है।
Mahindra XUV500- महिन्द्रा की इस कार को भी इस टेस्ट में 5 में से 4 नंबर मिले हैं।
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