नई दिल्ली: दुनिया में मोबाइल के इस्तेमाल को लेकर भी कई रिसर्च हुई हैं, जिनके रिजल्ट काफी हैरान करने वाले हैं। कई वैज्ञानिकों और जानकारों ने मोबाइल के इस्तेमाल को खतरा बताया है। स्मार्टफोन को किसी भी रूप में इस्तेमाल करने वाले बच्चे अन्य बच्चों की तुलना में देर से बोलना शुरू करते हैं। खुद बिल गेट्स ने अपने बच्चों को 14 साल की उम्र तक मोबाइल नहीं दिया था। इसी तरह एप्पल के संस्थापक स्टीव जॉब्स ने 2011 में एक इंटरव्यू में बताया था कि उन्होंने अपने बच्चों को कभी भी आईपैड इस्तेमाल नहीं करने दिया था।
जी हां, अगर आप भी अपने बच्चे के हाथ में स्मार्टफोन दे रहे हैं तो सावधान हो जाएं। दरअसल, बच्चों पर किए गए सर्वे में ये पता चला कि मोबाइल किस तरह से उन्हें नुकसान पहुंचा रह है। छह महीने से लेकर दो साल तक 900 बच्चों पर एक सर्वे किया गया। इसमें ये बात सामने आई किे रोज आधा घंटा मोबाइल इस्तेमाल करने से ही 49 फीसदी बच्चे को देरी से बोलने के आसार बढ़ जाते हैं। यही नहीं एक रिपोर्ट में भी खुलासा हुआ था कि लंबे समय तक मोबाइल का इस्तेमाल करने से ब्रेन ट्यूमर का खतरा बढ़ जाता है।
अगर आप भी अपने बच्चों को मोबाइल का इस्तेमाल करने दे रहे हैं तो आपको इससे होने वाले खतरे के बारे में जरूर जानना चाहिए। हम आपको बता रहे हैं कि दुनिया केे जाने-माने वैज्ञानिक इस पर अपनी क्या राय रखते हैं, जिसे एक बार जानने के बाद शायद ही अब अपने बच्चों को मोबाइल फोन देंगे। मैंडी सालगिरी एिडक्शन थैरेपिस्ट हैं, जो कहती हैं कि किसी बच्चे को मोबाइल फोन देना एक ग्राम कोकेन देने के बराबर है। इसके अलावा आप यह भी देखते होंगे की ऐसे बच्चों जो मोबाइल फोन का इस्तेमाल करते हैं। वह दूसरे बच्चों के मुकाबले ज्यादा चिड़चिड़ा भी होते हैं। इसके लिए अच्छा होगा की आप अपने बच्चों को मोबाइल फोन न दे कर खुद का समय जरूर दें।
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