भारत की स्वर कोकिला लता मंगेशकर ने बॉलीवुड की लगभग सभी उम्र की अभिनेत्रियों को अपनी आवाज दी है। उनके गीतों के दीवाने हर उम्र के लोग हैं। वह जब गाती हैं तो मानों सभी उनकी आवाज में खो जाते हैं। जहां हर कोई उनके गीतों का दीवाना है वहीं वह खुद भारत रत्न और पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की कविताओं की कायल थीं। उन्होंने अटल की कई कविताओं को स्वरों में पिरोया है। लता ही नहीं गजल सम्राट जगजीत सिंह भी उनकी कविताओं को अपनी आवाज दे चुके हैं।
अटल देश के उन नेताओं में से हैं जो बहुमुखी प्रतिभा के धनी हैं। वह न सिर्फ राजनीति बल्कि अन्य क्षेत्रों में भी सक्रीय थे। उन्हें लिखने-पढ़ने और कविताओं का काफी शौक था। यहीं नहीं वह फिल्में देखने और गानें सुनने के भी शौकीन थे। उन्होंने खासतौर पर करुण रस से लेकर वीर रस तक की कविताओं की रचना की हैं।
बॉलीवुड की स्वर कोकिला लता मंगेशकर और जगजीत सिंह ने अटल बिहारी वाजपेयी की कई कविताओं को अपने सुरों में पिरोया है जिसे दर्शकों ने खूब पसंद किया है। बता दें कि लता द्वारा गाई कविता 'आओ मन की गाठें खोलें' काफी पसंद की गई है। उनकी आवाज और अटल बिहारी वाजपेयी के शब्दों का जादू वाकई कमाल है।
वहीं गजल सम्राट जगजीत सिंह ने उनकी कविता 'दूर कहीं रोता है' को इस अंदाज में गाया कि उनके फैन्स इसके दीवाने हो गए हैं। यही नहीं, अटल बिहारी ने कई मौकों पर अपनी कविताओं को खुद ही स्वरबद्ध किया है।
अटल बिहारी के भाषण को आज भी याद किया जाता है। वह न सिर्फ अपनी पार्टी बल्कि विपक्ष के भी चहेते रहे हैं। बता दें कि मध्य प्रदेश के ग्वालियर में 25 दिसंबर, 1924 को जन्में अटल बिहारी वाजपेयी की 'कविताओं की किताब' खूब पॉपुलर रही हैं। देश के कई मंचों पर उनकी कविताएं गाई भी जाती रही हैं। उनकी कविताओं में 'न दैन्यं न पलायनम्', 'मृत्यु और हत्या' और 'अमर बलिदान' काफी फेमस हैं। उनकी कविताएं आज के यूथ में भी काफी पॉपुलर है।
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